kya yogi adityanath hai up ke sarvshresh mukhyamantri ? – क्या yogi adityanath है उत्तरप्रदेश के श्रेष्ठ मुख्यमंन्त्री ?

क्या yogi adityanath  है उत्तरप्रदेश के श्रेष्ठ मुख्यमंन्त्री ?

 

सी. एम् पद की शपथ लेने के  बाद एक पखवारे की उपलब्धियां : 

kya yogi adityanath hai up ke sarvshresh mukhyamantri
yogi adityanath 

1 -किसानो की कर्ज माफ़ी | 

2 -एंटी रोमिओ दस्ते का गठन | 

3 -अवैध व् यांत्रिक बूचड़खाने बंद | 

4 -गौ तस्करी पर पूर्ण प्रतिबन्ध | 

5 – नियमित  जनता दरबार | 

भ्रस्टाचार खत्मकर पारदर्शिता लाने के लिए adityanath के कदम :

1 -सभी मंत्रियो विधायकों व् अधिकारियो को एक पखवारे के अंदर सम्पति सार्वजनिक करने के   निर्देश। 

2 -सपा व् बसपा शासनकाल में हुए  घोटालो की जांच के आदेश। 

3 -सिफारिश न लाने व् सरकारी काम में हस्तक्षेप न करने की हिदायत। 

yogi adityanath ko chunautiya 

1 – हिंदुत्व के एजेंडे के साथ विकास का रोडमेप तैयार करना। 

2 -अदालत से बहार सभी पक्षों के साथ मिलकर राम मंदिर निर्माण पर सर्वमान्य हल। 

3 -शिक्षा व् चिकित्सा के नाम पर मची लूट ख़त्म करना। 

पूत के पाँव पालने में ही दिख जाते है। इसी कहावत को चरितार्थ करते हुए उत्तर प्रदेश के नवनिर्वाचित मुख्यमंत्री महंत श्री yogi adityanath ने 11 मार्च 2017 को देश के सबसे बड़े सूबे की कमान सँभालते ही रामराज्य की संकल्पना को जिवंत कर दिया। यह वही रामराज्य है जिसकी व्याख्या संकीर्णता की जंजीरो को तोड़ कर बृहद रूप से शुशाशन , भ्रष्टाचार मुक्त  समाज ,गुंडाराज  के पतन तथा अंत्योदय की भावना के अनुरूप सबका साथ सबका विकास के रूप में की जा सकती है।

         यह वही रामराज्य है जिसमे तुष्टिकरण , जाती ,धर्म , क्षेत्र तथा भासा के भेदभाव के बिना प्रदेश के एक एक नागरिक के कल्याण की भावना के अनुरूप श्री yogi adityanath उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए  केवल दृढ़ संकल्प है बल्कि  अपने सुनियोजिय  तथा त्वरित निर्णय के माध्यम से अल्प समय में मूर्त रूप दे रहे है। 

 yogi adityanath की जिम्मेदारीयां : 

     उत्तरप्रदेश में भाजपा को हल ही में सम्पन हुए विधान सभा चुनाव में जिस प्रचंड बहुमत के रूप में जनता ने अप्रतीयशित रूप से सत्ता की कमान सोपि है , इस परिस्थिति में श्री योगी की जिम्मेदारी तथा  जनता की अपेक्षाए  अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है। लेकिन तारीफ करनी होगी शारीरिक रूप से छोटे कद वाले श्री yogi   adityanath  के एवेरेस्ट जैसी ऊंचाई वाले महानतम राजनैतिक व् बौद्धिक कद की , जिसकी ममुरीद देश- विदेश की प्रिंट मीडिया तथा इलेक्टिक मीडिया हो चुकी है। इसका प्रमाण  है योगी के पद सँभालते ही उनकी खबरों से पुरे देश के सभी प्रमुख समाचार पत्रों के मुखपत्र पर छपी लिड खबर तथा इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में सभी समाचार चेनलो पर होने वाली चर्चा के केंद्र में सिर्फ श्री yogi adityanath . दिलचस्प बात  तो यह है की सोशल मीडिया पर श्री yogi adityanath  के विशाल व्यक्तित्व ने 2017 के विधान सभा चुनावो में तीन अन्य  राज्यों उत्तराखंड  , गोवा ,तथा मणिपुर क्र चुने गए मुख्यमंत्रियों पर चुटकुले बनने का भी मौका दे दिया जिसमे तीनो मुख्यमंत्री यह कहते हुए दर्शाए गए है की अरे मीडिया वाले yogi adityanath  के साथ हम भी मुख्यमंत्री बने है , यदि उनकी खबरों से ममोका मिले तो थोड़ी जगह अपने समाचार पत्रों में दे अथवा थोड़ा समय अपने चेनलो पर हमारे लिए भी निकल ले।  

yogi adityanath hinduism 

       मात्र 26 वर्ष की आयु में पहली बार 1998 में सांसद बनने वाले yogi adityanath ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा तथा 1999 ,2004 ,2009 व् 2014 में गोरखपुर के संसद के रूप में अपनी छवि कट्टर हिंदूवादी त्रेता के रूप में बनाई , लेकिन देश के  तथा  कथित धर्मनिरपेक्ष ठेकेदारों ने हिंदुत्व की व्याख्या इतनी नकारात्मक दृष्टिकोण से की मानो हिंदुत्व की अवधारणा को स्वीकार करना बहुत बड़ा अपराध है। हद तो तब हो गई जब किसी जाती विशेष तथा गैर हिन्दू धर्मो को खुश करने का कुप्रयास करने वाले धर्म निरपेक्षता के कतिपय ठेकेदारों ने आजादी के बाद से अपनी राजनीति चमकाने के लिए  जाती व् मजहबी तुस्टीकरण की चासनी में न केवल देश व् समाज को बाटने का काम किया  बल्कि समाज का विकास तो दूर ,  प्रदेश को और पीछे धकेल दिया। हिंदुत्व तथा राम राज्य मात्र एक धार्मिक विषय न होकर एक दार्शनिक विचारधारा है। विश्व का प्राचीनतम धर्म है जिसमे सर्वे भवन्तु सुखिन : सर्वे सन्तु निरामया ,सर्वे भद्राणि पश्यन्तु ,माँ कश्चित् दुखभाग्भवेत की भावना के अनुरूप सबका साथ सबका विकास की श्री narendra modi की संकल्पना समाहित है। यह वह धर्म है जो वसुधैव ककुटुम्बकम की भावना के अनुरूप बिना किसी भेदभाव के समाज के प्रत्येक नागरिक चाहे वह किसी जाती , मजहब ,या क्षेत्र का हो का कल्याण करता  न की  किसी जाती ,मजहब  या क्षेत्रो के लोगो को अपना वोट बैंक समाज कर उनके तुस्टीकरण के माध्यम से अपनी राजनितिक रोटिया सकता हो।  

सत्ता भोग नहीं , योग का साधन 

      हिंदुत्व की इसी जनकल्याणकारी भावना तथा रामराज्य की संकल्पना के अनुरूप श्री yogi  adityanath  ने सत्ता सँभालते ही जनसंदेश में अपने मंत्रियो , विधायकों तथा नौकरशाहों को सख्त लहजे में जता दिया की प्रदेश की जनता  ने कुर्सी उन्हें भोग के लिए नहीं ,बल्कि योग अर्थात तपस्या के लिए सोपि है। योगी का शाशन काल इतना आसान नहीं है जितना प्रचंड बहुमत के बाद समजा जा रहा है बल्कि प्रचंड बहुमत ने योगी के समक्ष अपेक्षाओं को पूर्ण करने की चुनोतिया का पहाड़ खड़ा क्र दिया। केंद्र तथा प्रदेश में प्रचंड बहुमत ने जहा देश के बहुसंख्यक हिन्दू समाज की अयोध्या में रामलला के विवादित जन्मस्थान पर मंदिर निर्माण की भरी भरकम उम्मीद की चुनौती पेश कर दी वहां मुस्लिम समाज की बहनो ने ट्रिपल तलाक के मुद्दे पर योगी व् मोदी दोनों की  आउट टकटकी लगाए बैठी है। हलाकि ये दोनों मुद्दे सर्वोच्च न्यायलय में पास हो चुके है 

शिक्षा , चिकित्सा व् बिजली की दरों के नाम पर मची लूट खत्म करना : 

          उत्तर प्रदेस के 32 वे मुख्यमंत्री की चुनैतियों में महंगाई की मर से टत्रस्त आम जनता की जेबो पर डाका डालते प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वृद्धि  ,शिक्षा के नाम पर यूनिफॉर्म , किताबे ,स्टेशनरी , तथा अन्य तरीको से मची लूट तथा स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर कतिपय चिकित्साओं तथा डायग्नोस्टिक सेंट्रो  द्वारा आम जनता को आर्थिक रूप से नंगा करने जैसी घटनाए शामिल है , बची कस्रर बिजली की बढ़ी हुई मनमानी दरों ने पूरी कर दी है। प्रदेश में कई स्थानों पर तो लाइन लोस्स 50 से 60 प्रतिशत तक है। यदि बिजली  चोरी की ये घटनाए प्रदेश सर्कार रोकने में कामयाब हो जाती है तो तीन से  चार प्रतिशत लाइन लोस्स होगा तथा महंगाई की मार से आम जनता की कमर तोड़ने  वाली बिजली की दरे स्वत : फुरत आधी हो सकती है वही बंद पड़े औद्योगिक विकास अभूतपूर्व गति से हो सकेगा साथ ही युवाओ को रोजगार के ज्यादा से ज्यादा मौके मिलेंगे।  

yogi adityanath  की धमाकेदार शुरुआत 

  yogi  राज की शुरुआत ही धमाकेदार हुई है। सत्ता सँभालते ही ताबड़तोड़ एक्शन लेने  वाले yogi  ने जनता को अहसास करा दिया की सुशाशन के लिए अच्छी नियत का होना जरुरी है न की तुष्टिकरण।  मुख्यमंन्त्री ने चुनाव भाजपा की और से जारी शुशाशन संकल्प पत्र  , अर्थात घोषणा पत्र में किये गए वादे को जिस प्रकार शुरूआती पखवारे में एक एक कर पूरा करना  शुरू कर  दिया। उसके बाद उत्तर प्रदेश की जनता को यह तो मेसेज तो चला गया की जनता ने देश की आजादी के  बाद से इतना त्वरित निर्णय लेने  वाला ,अभूतपूर्व ,निष्पक्ष तथा भविष्य द्रष्टा मुख्यमंत्री क्या इससे पूर्व कभी  देखा है ?  

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