फूलगोभी की खेती कैसे की जाती है और खेती कब करे

 फूलगोभी की खेती के बारे में जानकारी 

  दोस्तों , आज हम बात करेंगे फूलगोभी की खेती की जिसमे हम आपको बताएँगे की फूलगोभी की खेती कैसे की जाती है और उसकी खेती कब करे फूलगोभी में विटामिन और प्रोटीन अधिक मात्रा में पायी जाती है।  और सबसे ज्यादा इसे अचार  रूप में लोग पसंद करते है। इसके साथ ही साथ फूलगोभी की पकोड़ी भी बहुत अच्छी बनती है। इसिलए फूलगोभी लोगो को ज्यादा पसंद है। 
फूलगोभी की खेती कैसे की जाती है और खेती कब करे


फूलगोभी की खेती 

   दोस्तों हम आपको एक सलाह देंगे की आप एकबार में कभी फूलगोभी न लगाए। जून के महीने में नर्सरी डाल के अगैती किस्म  से हम फूलगोभी का प्रारम्भ करते है।  उसके बाद 20 से 25 दिनों के अंतराल लगा देते है। और उसके बाद हम मध्य में दुबारा गोबी लगाते है।  मध्य अगस्त में उसकी रोपाई करते है।  उसके बाद पिछैती में अक्टूबर में  हम उसकी नर्सरी तैयार करते है  और उसके बाद लगाते है।  

  इस   तरीके से सितम्बर से लेकर फरवरी मार्च तक निरंतर पैसा मिलता रहता है। लेकिन इसके लिए यह आवश्यक है की अगैती फसल लेनी है तो अगैती जाती का ही चयन करे।  खाद को बिछा के खूब अच्छे तरीके से मिटटी में मिला देते है। 

फूलगोभी की नर्सरी 

   जब हमारी क्यारिया बिल्कुल बन जाये तब उसमे गोबर की सड़ी हुई खाद आप यह विशेष ध्यान रखे की गोबर की सड़ी हुई खाद का ही इस्तेमाल करना है। खाद मिलाने के बाद हम इसमें बीज डालते है क्योकि बीज को लाइन में लगाना आवश्यक होता है क्योकि इसको नर्सरी से निकलने में सही रहता है टेढ़ामेढ़ा नहीं रखना चाहिए।  और उसमे दवा छिडकानी है तो उसके लिए विशेष  रूप से ध्यान रखे। 

   खाद मिटटी से मिलादेने के बाद जमीन को हम समतल कर देते है। उसके बाद बीज को पंक्ति में 2.5 सेंटीमीटर पंख से पंख की दूरी में बो देते है। हम गोभी की नर्सरी करते है उस वख्त ताप  अधिक होता है और उस समय मिटटी जल्दी सूखने लगती है तो उसके लिए पौधे के ऊपर गन्ने की पत्तिया बिछादे। और उसके बाद हो सके तो फुवारे से इसकी सिंचाई करे और जमीन को नम बनाये रखे।  इस तरीके से फूलगोभी की नर्सरी तैयार हो जाती है।

खेत कैसे तैयार करे 

    फूलगोभी के लिए सबसे पहले यह आवश्यक है  की  जब रोपाई के लिए खेत तैयार हो तो उसमे पर्याप्त मात्रा में नमी होनी चाहिए। इसके लिए यदि नमी कम हो तो सिंचाई कर लेनी चाहिए। सिंचाई करने के बाद मिटटी पलटने वाले हल से हम पहली जुताई कर देंगे।  उसके बाद देसी हल से दो या तीन जुताइयाँ करे और हर एक जुताई के बाद पाटा लगाकर मिटटी को भुरभुरी कर लीजिये। यदि देशी हल नहीं है तो आप कल्टीवेटर का इस्तेमाल कर सकते है। 

   फूलगोभी में नाइट्रोजन , फोस्फरस और पोटाश तो आवश्यक है। लेकिन इसके साथ ही साथ गोबर की खाद का होना अति आवश्यक है।  300 क्विंटल पैर हेक्टर गोबर की खाद पहली जुताई के समय ही खेत में मिला दे। उसके बाद रोपाई करते समय 

  • नाइट्रोजन 120 किलो 
  • फॉस्फेट 60 किलो 
  • पोटाश 60 किलो 

 फूलगोभी की अगैती फसल 60 दिनों में पककर इसकी कटाई भी हो जाती है। और जो मध्य किस्म  की फसल 90 से 110 दिनों में तैयार होती है और जो पिछैती फसल है वह 100 से लेकर 120 दिन में तैयार होती है। जब गोभी के पौधे का विकास हो रहा होता है उस समय सूड़ी   नामका कीट लगता है।   इसके लिए कृषि हेल्पलाइन से कांटेक्ट करके  कौन सा कीटनाशक लगता है वह जान ले। 

 फूलगोभी की  कटाई करने का तरीका 

  फूलगोभी का फूल एकदम बड़ा और कठिन हो जाता है तो आप को कटाई कर लेनी चाहिए। कटाई करते समय यह जरुरी है की उसको ऊपर से ना काटके जमीन के निचे यानि गोभी के निचे वाले भाग से काटे। डंठल जितना उसके साथ होगा उतना ही हमारी फूलगोभी की सुरक्षा होगी।   फूलगोभी की कटाई सुबह को या शाम को करे।

तो दोस्तों यह थी फूलगोभी  के बारे में जानकारी , धन्यवाद। 





















No comments:

Powered by Blogger.