सरसो की खेती कैसे करे और खेती कब होती है

 सरसो की खेती 

नमस्ते दोस्तों , खेती किसानी की इस पोस्ट में आपका स्वागत है। आज हम ऐसी फसल के बारे में बात करेंगे जो गेहू के साथ लगाई जाती है और इसके मिलो तक फैले हुए खेत जितने दिखने में अच्छे लगते है उतने ही यह फायदेमंद भी है।  तो दोस्तों आइए जानते है सरसो की खेती के बारे में। 
सरसो की खेती कैसे करे और खेती कब होती है

   सरसों की खेती की जानकारी

     सरसो की खेती में  खेत की  तयारी करने के लिए दो  या तीन मिटटी पलटने वाले हल से जोतके हल से जुताई करे।  जुताई के बाद पाटा लगाए। और  यदि आपको विलम्ब हो रहा है तो रोटावेटर का इस्तेमाल करे।  रोटावेटर से एक ही बार में जुताई और पाटा भी लग जाता  है।  
     सरसो की खेती के लिए मिट्टी बलवर दोमट 
  दोमट मिट्टी अच्छी होती है. सरसो की खेती हरियाणा,  उत्तरप्रदेश,  राजस्थान मे सबसे ज्यादा सरसो की फसल उगाई जाती है. सरसो की खेती के लिए मिट्टी की जांच करवानी आवश्यक है. 
    सरसो के लिए उर्वरक कितने देने चाहिए   देखिए दोस्तों तिलैनी फसलों मे सबसे ज्यादा अनिवार्य होता है.  वह है गंधक.  

सरसो की खेती के लिए  उपयुक्त तत्व 

1 - गंधक 
2 - नाइट्रोजन 
3 - फॉस्फेट 
4 -  पोटाश 

इन सब्भी उर्वरक का इस्तेमाल मिटटी की जांच के बाद बताये हुए निर्देशानुसार  ही करना चाहिए यह बात ख़ास ध्यान में ले। सरसो रवि पाक की फसल है और इसकी खेती की बुआई 15 ओक्टोबर से 15 नवम्बर लेनी चाहिए बुआई के लिए यह समय सही मन जाता है।  राजस्थान क्षेत्र में पानी कम होता है वहां पर सितंबर के दूसरे  सप्ताह में बुआई होती है।  
     सरसो की खेती के लिए एक हप्ते में खेत  तैयार हो जाता है।  दो तीन जुताई मिटटी पलटने वाले हल से और दो तीन जुताई देसी हल से करने के बाद खेत तैयार हो जाता है। सरसो में दो बीमारिया बहुत आती है एक गेरुई और दूसरी तुलसिता।  तो इसके लिए बीज सोधन परम आवश्यक है।  

बीज सोधन कैसे करे 

  -   थीरम 2.5 ग्राम  पर किलो बीज  के हिसाब से 

 - मेटोक्सिल 1.5 ग्राम पर किलो के हिसाब से इस्तेमाल करके ही बोना चाहिए 

यदि कोई खेदूत बीज सोधन नहीं करना चाहता तो वह बीज सोधन केंद्र से सोधन किया हुआ बीज लेकर उसकी बुआई कर सकता है। 

सरसो में कौन कौन से कीट लगते है 

➤ आरा मक्खी 
➤ बालदार सूंधी 
➤ गोबी की तितली 
➤ माहू 

और इन कीट के लगने की अलग अलग अवस्थाए है।  आरा मक्खी जो है यह चार से पांच मिलीमीटर काले रंग की होती है। और अंडरोपक इसका आरा के आकर का होता है। 

सरसो में कीटो के उपचार के तरीके 

➤ मेलाथियान 
➤ धुल 

5 % धुल और 20 से 25 किलोग्राम प्रति हेक्टर के हिसाब से लेकर इसका बुरकाव करे।  यदि आपको मेलाथियान  नहीं मील रही है तो इंडोसल्फान का इस्तेमाल करे। 

सरसो की खेती के घरेलु  उपचार 

    नीम की खली को अच्छी तरह से पानी में घोले और अच्छी तरह घोलने के बाद इसमें सार्क पावडर अच्छी तरह से मिलाये। फिर इसको छान ले फिर अच्छी तरह से मिक्ष हो जाने के बाद इसको स्प्रेयर से छंटकाव कर दीजिये। इससे चूसने वाले जितने भी कीट है जैसे माऊ है उसका उपचार हो जायेगा। 

   सरकार ने एक योजना चलाई है जिसका नाम है intigrated pest managment . इसके अंतर्गत बहुत से शोधकार्य हो रहे है।  और इन शोधकार्य के अंतर्गत यांत्रिक तरीके , बायोलॉजिकल तरीके , जैविक तरीके यह सब तरीके किये जा रहे है। सरकार ने किसानो के लिए एक ट्रैप बनाया हुआ है जो गाओं में जा जा करके ipm का प्रचार करते है। सभी दवाओं को कम करके घरेलु उपचार से कीटनाशक का इस्तेमाल करे  किसानो को ज्यादा जानकारी दी जा रही है।  

    रासायनिक दवाओं का चिंतकव करने से पर्यावरण दूसित हो रहा है , खाना भी दोसित हो रहा है।  मनुस्यो में अलग अलग प्रकार के नए रोग आ रहे है।  who के मुताबिक बच्चा जब जन्म लेता है तब से वह जहर पीना शुरू कर  देता है। ipm में यह बताया जाता है की कैसे बच्चा जहर पि रहा है क्योकि आजकल आनाज हो या सब्जी हो उसमे रासायनिक दवा का छंटकाव एक आम सी बात हो गई है। 

तो दोस्तों इस पोस्ट में हमने आपको बताया की सरसो की खेती के लिए जुताई , बुआई ,दवा का छंटाकव कैसे करे इन सबके बारे में यदि आप को कोई भी प्रश्नार्थ हो तो आप हम्हे कमेंट कर सकते है , धन्यवाद। 










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