कृषि उपज का भण्डारण कैसे करे

भण्डारण विधिया 

         नमस्ते , दोस्तों किसान के लिए सब्सि बड़ी समस्या होती है की उसकी फसल तैयार होने के बाद उसका भण्डारण कैसे करे ? बाजार का सही चुनाव कैसे करे ? यह साडी समस्याए उसके सम्मन होती है बहुत सारि मुस्किले आती है उसे बाजार तक पहुंचने में उसे अच्छा मुनाफा नहीं मिलता ! तो आज की इस पोस्ट में हम आपको बताएँगे कृषि उपज का सुरक्षित भण्डारण।  

कृषि उपज का सुरक्षित भण्डारण कैसे करे

भण्डारण करने का सही तरीका 

      सबसे पहले किसानो को यह समझना चाहिए की कटाई के समय किस स्तर पे हमें कटाई करनी चाहिए।  अगर फसल में नमी जयादा है और फसल अगर पूरी  तरह तैयार नहीं है  तो कटाई न करे।  क्योकि एक बार जब फसल कट जाती है तो आप फिर कुछ नहीं कर सकते ! इसलिए सबसे पहले  यह समजना जरुरी है की क्या फसल कटाई के लिए तैयार है ? एक बार जब फसल कटाई के लिए तैयार है तब हमें  भण्डारण के लिए सोचना चाहिए।  और कटाई के लिए जब हम तयारी करते है उस समय ही हमें भण्डारण के लिए भी सोचना चाहिए। 

अनाजों का भंडारण क्यों आवश्यक है

       अगर हम किसी भी फसल की बात करे तो हर फसल की भण्डारण व्यवस्था अलग प्रकार से  होती है।    जिस तरह से आप आलू को रखते हो उस तरह से आप प्याज को नहीं रख सकते ! तो हमें यह जानना जरुरी है।  भण्डारण का स्टोरेज कैसे करे इसकी जानकारी उतनी ही आवश्यक है जितनी हम सिंचाई या कटाई की रखते है।  भण्डारण की बात किसान अगर ध्यान में रखेंगे तो नुकसान कम होगा ,  कीड़ा नहीं लगेगा।  

गेहूं सुरक्षित रखने का तरीका

     गेहू का भण्डारण बहुत महत्त्व चीज़ है।  भण्डारण के लिए पहले यह देखना चाहिए की गेहू की  कटाई की क्या स्थिति है।  किसान भाई इस बात  का ध्यान रखे की जब भी वह गेहू काटे यह देखे की उसमे 14 % से ज्यादा मॉइस्चर न हो।  

मॉइस्चर कितना है कैसे जान सकते है ? 

    मॉइस्चर 3 से 5 हजार में इसके जांच करने वाले मीटर आते है।  बहुत सी छोटी छोटी मंडियों में भी मिल जाते है।  आप थोड़ी सी अपनी फसल काटिये और वह व्यापारी के पास लेकर जाइए जिसके पास यह मशीन हो मशीन में देखिए की मॉइस्चर कितना है।  अगर गेहू में मॉइस्चर 14 % से ज्यादा है तो गेहू ना काटे।  अगर आप ज्यादा मॉइस्चर का गेहू काटेंगे तो उसमे फंगस आजायेगी।  

     यदि फंगस आगे  तो गेहू की क्वालिटी ख़त्म हो जाएगी।  आप उसका ग्रोथ नहीं ले पायेंगे।  और गेहू सड़ने लगेगा।  इसलिए सही मॉइस्चर पे गेहू काटे।  

    
      गेहू में से पत्ते , कंकड़ , कोई प्लास्टिक या पेपर या  अन्य कोई कचरा है उसको निकल दीजिये।  यदि ट्रांसपोर्टेशन में आप गेहू ले जा रहे है तो एक थैली में 2 से 3 किलो कचरा है तो आप गेहू के साथ साथ ही कचरे का भी भाड़ा दे रहे है।  मंडी में जाने से पहले अपने नजदीक की 2 से 3 मंडी में गेहू का भाव ताल पूछले जहा पर आपको अधिक मुनाफा हो वही पर गेहू  ले जाए।  
 
     किसानो को जयादातर फर्टिलाइज़र के रूप में सब्सिडी मिलती है।  कही कही स्टेट गवर्नमेंट सब्सिडी देती है और बीच बीच में कभी कभी रोक भी देती है।  किसान अपने गांव में मिलकर अपने  नजदीक के 30 से 40 गांव के किसान मिलकर स्टोरेज रूम बना सकते है।  चाहे  तो वहां  पर बिजली के लिए सोलर पीनल लगा सकते है।  इसके लिए कई सब्सिडी मिलती है।  


खेती से जुडी हुई कोई भी जानकर कहा मिलेगी ? 

      खेती से जुडी हुई कोई भी खबर के लिए किसान कॉल सेंटर में कॉल करे।  उन्हें खेती से जुडी हुई , सब्सिडी से जुडी हुई या कोई भी जानकारी क्यों ना हो सब मिल जाएगी।  आप अपने नजदीकी कृषि अधिकारी से भी मील सकते है। आप  सरकारी बैंक चले जाईए वह पर भी आपको जो भी स्किम चल रही होगी उसकी जानकारी मिल जाएगी। 

      उपज बेचने के लिए  बाजार का चुनाव कैसे करे ? 

        उपज उगने से पहले किसान भाइयो को यह जान लेना चाहिए की मार्किट में।  बीज ऐसा चुने जिसमे मार्किट से व्यापर से ज्यादा आमदनी हो।  गेहू के लिए पहले आपको यह जान लेना चाहिए के गेहू आपको किसको बेचना है।  आपको चक्की में देना  है या आपको उसे  मंडी में बेचना है।  यह साब प्रावधान भी जरुरी है गेहू की फसल के लिए।  सरकार आपको मिनिमम प्राइज़ ही देगी आपको कभी मेक्सिमम प्राइज़ नहीं देगी इसिलए आप पहले से ही चयन करे की आपको अपनी उपज को कहा बेचना है।  इसिलए उसी प्रकार से बीज ख़रीदे। 


     















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